बच्चे अब विषय अनुसार पाठ्यक्रम डाउनलोड कर पढ़ाई कर सकते हैं।

अब सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई में किताबों की कमी महसूस नहीं होगी। अब एससीईआरटी ने पढ़ाई का खाका तैयार कर लिया है। कोरोना महामारी के कारण अब तक सरकारी स्कूलों में नया सत्र शुरू नहीं हो सका है। स्कूलों में किताबें नहीं मिलने के कारण बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी), गुरुग्राम ने ई-बुक्स तैयार की है। इनकी पीडीएफ स्कूलों में भेजी गई हैं।
शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को इस संदर्भ में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। कोरोना संक्रमण के चलते शिक्षा विभाग ने छुट्टियों को 15 जून तक बढ़ा दिया है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री के बयान में स्पष्ट हो गया है कि अभी स्कूल नहीं खुलेंगे। सीबीएसई स्कूलों में एक अप्रैल से ऑनलाइन क्लास लेना शुरू कर दिया था, लेकिन सरकारी स्कूलों में किताब न पहुंचने के कारण नए सत्र की पढ़ाई ठीक से नहीं चल पाई है।


ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं बच्चे
राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल होडल के प्रिंसिपल जीतपाल सिंह ने बताया कि एससीईआरटी ने ई-किताब का पीडीएफ लिंक जारी किया है। पीडीएफ लिंक को स्कूलों में भेज दिया गया है। इसे इंटरनेट की मदद से मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हैं।
क्लास पर क्लिक करते ही खुल जाएगी ई-बुक
प्रिंसिपल जीतपाल सिंह ने बताया कि एप डाउनलोड करने के बाद उसे खोलने पर क्लास की लिस्ट विषय के अनुसार सामने आ जाएगी। क्लास पर क्लिक करने पर ई-बुक खुल जाएंगी। जिस विषय की किताब पढ़नी हो, उस पर क्लिक कर दीजिए। वहीं, एससीईआरटी की ओर से पीडीएफ में वीडियो भी अपलोड किए गए हैं। इन वीडियो में विषयों के अनुसार पाठ्यक्रम शुरू कर दिया गया है।
महामारी के कारण बच्चों को नहीं मिल सकीं किताबें
स्कूलों की छुट्टियां हो जाने के कारण शिक्षा अधिनियम के तहत अभी तक बच्चों को बुक्स नहीं मिल सकी हैं, जबकि बुक्स को शिक्षा विभाग की ओर से प्रकाशित करा लिया गया था लेकिन वितरण नहीं हो सका। ऐसे में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को आदेश दिए कि पुराने बच्चों से किताबें लेकर नए को दे दी जाएं, ताकि कोरोना के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो सके।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी गुलशन कुमार का कहना है कि एससीईआरटी की ओर से स्कूलों में ई-बुक की पीडीएफ भेजी गई है। अब बच्चों को पढ़ने में कोई परेशानी नहीं होगी। बच्चे अब विषय अनुसार पाठ्यक्रम डाउनलोड कर पढ़ाई कर सकते हैं। Download free Ebook pdf

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